Artificial Intelligence News: नसीर सिद्दीकी ने किया देश का नाम रोशन, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमाणित AI फंक्शनल एडवोकेट बने 

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Artificial Intelligence News: दिल्ली के शिक्षाविद नसीर अहमद सिद्दीकी ने देश का नाम रोशन करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिका की जानी-मानी कंपनी आरज़ू सॉफ्टवेयर ने उन्हें आधिकारिक तौर पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) फंक्शनल एडवोकेट के रूप में प्रमाणित किया है। अब भारत की ओर से नसीर सिद्दीकी दुनिया के किसी भी कोने में कॉलेज, इंस्टीट्यूट, विश्वविद्यालय या कंपनियों को AI से जुड़ी सेवाएं दे सकेंगे।

AI फंक्शनल एडवोकेट के मायने : युवाओं को क्या लाभ मिलेगा?

नसीर सिद्दीकी को AI फंक्शनल एडवोकेट के रूप में प्रमाणित किया गया है, यानी वे आधिकारिक रूप से AI के व्यावहारिक इस्तेमाल, ट्रेनिंग, गाइडेंस और कंपनियों को AI अपनाने के लिए सलाह दे सकेंगे। AI फंक्शनल एडवोकेट का काम होता है AI को अलग-अलग क्षेत्रों में लागू करना, लोगों को समझाना, ट्रेनिंग देना और भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करना।

चूंकि यह प्रमाण-पत्र अमेरिका की कंपनी द्वारा अंग्रेजी भाषा में जारी किया गया है और AI एक वैश्विक विषय है, इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट माना जा रहा है। यह 23 जनवरी 2026 को जारी किया गया Certificate of Excellence है।

युवाओं के लिए खुलेंगे AI की दुनिया के दरवाज़े

इसका सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को मिलने वाला है। अब लाखों युवा बेहद किफायती दरों पर वैश्विक स्तर की AI शिक्षा, ट्रेनिंग और स्किल्स सीख सकेंगे, जिससे उनके लिए देश-विदेश में रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।

आरज़ू सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी

आरज़ू सॉफ्टवेयर LLC अमेरिका के कैलिफोर्निया में रजिस्टर्ड कंपनी है, जो सिलिकॉन वैली के पास वुडसाइड और सैन फ्रांसिस्को क्षेत्र में स्थित है। कंपनी का अधिकृत पता 389 ला क्वेस्टा वे, वुडसाइड CA 94062 और 114 लूना ग्रांडे सर्कल, सैक्रामेंटो CA है।
आरज़ू सॉफ्टवेयर AI आधारित टेक्नोलॉजी, डिजिटल सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफिक वेरिफिकेशन और “Future of AI Work” पर काम करती है। कंपनी AI स्किल डेवलपमेंट, प्लेसमेंट और फ्यूचर जॉब्स के लिए लोगों को ट्रेन और सर्टिफाई करती है।

AI फंक्शनल एडवोकेट कैसे बदल सकता है युवाओं का भविष्य?

AI Functional Advocate वो प्रोफेशनल होता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सिर्फ टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उसे आम लोगों की ज़िंदगी और काम से जोड़ता है। इसका काम होता है AI को सरल भाषा में समझाना, ट्रेनिंग देना और अलग-अलग क्षेत्रों में उसका व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाना।
AI फंक्शनल एडवोकेट वर्कशॉप, कोर्स और सेमिनार के जरिए बताता है कि AI कैसे जॉब सर्च, रिज़्यूमे बनाने, प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, डेटा एनालिसिस और रोज़मर्रा के कामों में मदद कर सकता है। साथ ही, वह युवाओं को फ्यूचर जॉब्स जैसे AI प्रॉम्प्ट स्पेशलिस्ट, डेटा एनोटेटर और AI एथिक्स से जुड़े रोल्स के लिए तैयार करता है।
इस भूमिका में AI से जुड़ा डर दूर करना, नए रोजगार के मौके दिखाना और कंपनियों को AI अपनाने की सलाह देना भी शामिल है। आसान शब्दों में कहें तो AI Functional Advocate, AI की तकनीकी दुनिया और आम लोगों की नौकरी-स्किल्स के बीच एक मज़बूत पुल का काम करता है।

शिक्षा के क्षेत्र में नसीर अहमद सिद्दीकी का बहुमूल्य योगदान

गौर करने वाली बात यह है कि नसीर अहमद सिद्दीकी पिछले 20 वर्षों से स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग, कंसल्टेंसी और प्लेसमेंट के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। वे अंग्रेजी दैनिक द टाइम्स ऑफ इंडिया के “टीच इंडिया – स्पोकन इंग्लिश फॉर एम्प्लॉयबिलिटी” कार्यक्रम से जुड़कर पिछले 15 वर्षों से दक्षिणी दिल्ली के गरीब और बेरोजगार युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण दे रहे हैं और उन्हें दिल्ली-एनसीआर की स्थानीय व मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिला रहे हैं।
इतना ही नहीं, वे अपनी नौकरी से समय निकालकर हर रविवार और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में उत्तर भारत के कई शहरों में रोजगार मेले भी आयोजित करते हैं। नीम (नेशनल एम्प्लॉयबिलिटी इनहैंसमेंट मिशन) के तहत उन्होंने कोविड से पहले, कोविड के दौरान और कोविड के बाद भी बड़े पैमाने पर मुफ्त भर्तियां कराईं। इससे यूपी, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों के युवाओं को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, सूरत, अहमदाबाद, बड़ोदरा, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में रोजगार मिला।

नसीर अहमद की शैक्षणिक कामयाबियां

नसीर अहमद सिद्दीकी शिक्षा, पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में भी जाना-पहचाना नाम हैं। वे जनसंचार एवं पत्रकारिता, शिक्षा, अंग्रेजी और कृषि विज्ञान में मास्टर डिग्री धारक हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में की थी। बाद में एक्टिंग, नाट्यकला, लेखन और निर्देशन जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय रहे।

फिलहाल वे देश के करीब 15 राज्यों के 300 से अधिक संस्थानों और डिग्री कॉलेजों में फ्यूचरिस्टिक जॉब रोल से जुड़े कोर्स चला रहे हैं, जहां 72,000 से ज्यादा युवा मुफ्त प्रशिक्षण ले रहे हैं। नसीर सिद्दीकी का कहना है कि अब वे और भी उच्च गुणवत्ता वाले AI कोर्स शुरू कर पाएंगे, जिससे युवाओं को भारत में रहते हुए ही अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक्सपोजर और प्लेसमेंट के मौके मिलेंगे।

एक समय था जब AI को लेकर नौकरी जाने का डर था, लेकिन अब AI ही नए रोजगार के अनगिनत अवसर खोलता नजर आ रहा है।

इस उपलब्धि पर नसीर सिद्दीकी को देश-विदेश से बधाइयाँ मिल रही हैं। प्राइवेट डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, IIT, विश्वविद्यालय, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और प्लेसमेंट एजेंसियां लगातार उनके संपर्क में हैं।


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